• Tata की हो जाएगी Bisleri, भावुक चेयरमैन ने बताया-टाटा को ही क्‍यों बेची; क‍िसी और को क्‍यों नहीं

    Written ByDeepika Pandey

    Published onThu, 24 Nov 2022

    Tata की हो जाएगी Bisleri, भावुक चेयरमैन ने बताया-टाटा को ही क्‍यों बेची; क‍िसी और को क्‍यों नहीं

    Bisleri Buyout: प‍िछले करीब 30 साल से थम्सअप (Thums Up), गोल्ड स्पॉट ( Gold Spot), लिम्का (Limca) और कोका कोला (CocaCola) जैसे सॉफ्ट ड्रिंक की ब‍िक्री करने वाली ब‍िसेलरी कंपनी अब टाटा ग्रुप के हाथों ब‍िकने जा रही है. ब‍िसलेरी इंटरनेशनल (Bisleri International) और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्‍ट लिमिटेड (Tata Consumer Products Ltd, TCPL) के बीच यह डील 6000 से 7000 करोड़ के बीच होने की उम्‍मीद है. मीड‍िया र‍िपोर्ट के अनुसार दोनों कंपन‍ियों के बीच इस डील को लेकर प‍िछले दो साल से बातचीत चल रही है.

    बेटी जयंती की  ब‍िजनेस में दिलचस्पी नहीं
    आपको बता दें ब‍िसलेरी की शुरुआत जयंतीलाल चौहान (Jayantilal Chauhan) ने 1984 में की थी. इस समय कंपनी के चेयरमैन रमेश जे चौहान (Ramesh J Chauhan) हैं और उनकी उम्र 82 वर्ष है. वह कहते हैं बिसलेरी को अगले स्तर पर ले जाने के लिए उनके पास उत्तराधिकारी नहीं है. उन्‍होंने कहा बेटी जयंती की  ब‍िजनेस में ज्‍यादा दिलचस्पी नहीं है. आपको बता दें बिसलेरी देश की सबसे बड़ी पैकेज्ड वाटर कंपनी है.

    टाटा ग्रुप भव‍िष्‍य में और व‍िस्‍तार करेगा
    ब‍िसलेरी के चेयरमैन ने आगे कहा क‍ि मुझे उम्‍मीद है टाटा ग्रुप (Tata Group) भव‍िष्‍य में इसका और व‍िस्‍तार करेगा. हालांक‍ि ब‍िसलेरी को बेचने का न‍िर्णय मुझे परेशान करने वाला है. मैं टाटा की कल्‍चर और उसकी वैल्‍यू को पसंद करता हूं. यही कारण है क‍ि मैंने इसे टाटा ग्रुप को बेचने का फैसला क‍िया. उन्‍होंने बताया इसके अलावा भी कई ग्रुप इसे खरीदने के इच्‍छुक थे.

    मौजूदा मैनेजमेंट दो साल तक काम करेगा
    टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और और बिसेलरी के बीच हुए करार के अनुसार बिसेलरी (Bisleri) का मौजूदा मैनेजमेंट दो साल तक काम करता रहेगा. एक साक्षात्‍कार में चौहान ने बताया क‍ि टाटासंस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ( N Chandrasekaran) और टाटा कंज्यूमर के सीईओ सुनील डिसूजा ( Sunil D'Souza ) के साथ कई चरणों की बातचीत के बाद यह फैसला क‍िया. इस दौरान मुझे यह लगा क‍ि ये लोग अच्छे हैं.

    ब‍िसलेरी के चेयरमैन कहते हैं, कंपनी को बेचने के बाद म‍िलने वाले पैसों का क्‍या करूंगा, इस बारे में अभी सोचा नहीं है. लंबे समय मेहनत करने के बाद इसे तैयार किया है. इसलिए मुझे ऐसे खरीदार की तलाश थी जो कंपनी के साथ कर्मचारियों का भी ख्‍याल रखें.

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