• दुखद घटना- महज 15 किलोमीटर भी नहीं चला एंबुलेस का ऑक्सीजन सिलेंडर, 4 माह के मासूम ने तड़प तड़पकर दे दी जान
     

    Written ByDeepika Pandey

    Published onFri, 25 Nov 2022

    दुखद घटना- महज 15 किलोमीटर भी नहीं चला एंबुलेस का ऑक्सीजन सिलेंडर, 4 माह के मासूम ने तड़प तड़पकर दे दी जान

    नई दिल्ली/पलवल, जागरण डिजिटल डेस्क। पलवल शहर के ओल्ड सोहना रोड स्थित सचिन अस्पताल और एंबुलेंस चालक की लापरवाही के कारण चार महीने के बच्चे की मौत हो गई। आरोप है कि बच्चे को इलाज के लिए दिल्ली के कलावती अस्पताल ले जाते समय रास्ते पर एंबुलेंस वैन में मौजूद सिलेंडर में आक्सीजन खत्म हो गई। आक्सीजन की कमी के कारण बच्चे विनायक की मौत हो गई। शहर थाना अंतर्गत हथीन गेट चौकी प्रभारी प्रीतम सिंह के अनुसार मामले में अभी 174 की कार्रवाई की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
    स्थानीय अस्पताल के डाक्टरों ने किया था रेफर


    चौकी प्रभारी प्रीतम सिंह के अनुसार, मामले में न्यू बस्ती शमशाबाद के रहने वाले मुकेश कुमार ने शिकायत दर्ज करवाई है कि उनका चार माह का बच्चा विनायक जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती था। उसे कई दिन से बुखार आ रहा था। उन्होंने 23 नवंबर को अपने बच्चे की खराब हालत को देखते हुए उसे नागरिक अस्पताल से ले जाकर शहर के सोहना रोड स्थित सचिन अस्पताल में भर्ती कर दिया। 22 नवंबर मंगलवार को टेस्ट हुए और डाक्टर ने बताया कि रिपोर्ट नार्मल है, बच्चा सही हो जाएगा, मगर 20 नवंबर (रविवार) को डाक्टर ने कहा कि बच्चे का एमआरआइ, ईसीजी और सीटी स्कैन होगा। इसके बाद डाक्टर ने बच्चे को दिल्ली के कलावती अस्पताल रेफर करने के लिए कागज बना दिए।


    डाक्टर ने कहा कि बच्चे को ले जाने के लिए एंबुलेंस वह भेजेंगे। एंबुलेंस आने के बाद स्वजन बच्चे को लेकर अंदर बैठ गए और डाक्टर और अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने बच्चे को आक्सीजन लगा दी। रास्ते पर गांव बघौला के समीप पहुंचते ही एंबुलेंस में रखे सिलेंडर में आक्सीजन खत्म हो गई और बच्चे की हालत बिगड़ती चली गई। इसके बाद बच्चे की हालत को देखते हुए स्वजन ने तुरंत एंबुलेंस चालक को आक्सीजन के लिए बोला और कहा कि गांव बघौला में बने सत्य साई अस्पताल में आक्सीजन मिल जाएगी।
    चालक ने नहीं मानी सलाह और चलाता रहा एंबुलेंस


    उनके कहने के बाद भी एंबुलेंस चालक ने नहीं सुनी और बोला कि वह फरीदाबाद 15 मिनट में पहुंच जाएंगे। जैसे ही वह बल्लभगढ़ के 23 सेक्टर पहुंचे तो एंबुलेंस चालक ने उन्हें एक क्लीनिक के पास छोड़ दिया। वह तुरंत क्लिनिक में भागे, मगर वहां आक्सीजन नहीं मिली। इतने में ही आरोपित चालक मौके से एंबुलेंस सहित फरार हो गया।
    चालक ने पी हुई थी शराब, बच्चे को डेढ़ किलोमीटर पैदल लेकर भागे
    शिकायत में कहा गया है कि एंबुलेंस चालक ने शराब पी हुई थी और बच्चे के कपड़े, सामान गाड़ी के अंदर ही मौजूद थे। जिसे लेकर वह फरार हो गया। स्वजन बच्चे को लेकर डेढ़ किलोमीटर तक पैदल भागे और आटो से फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल पहुंचे। जहां बच्चे विनायक को डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
    इन बातों की हुई अनदेखी


    बच्चे को आक्सीजन की कमी थी, इसके बावजूद रेफर करते समय अस्पताल प्रशासन व चालक ने एंबुलेंस में मौजूद आक्सीजन सिलेंडर की जांच नहीं की। एंबुलेंस में बच्चे की देखरेख के लिए स्टाफ भी मौजूद नहीं था। स्वजन का कहना है कि एंबुलेंस में मौजूद आक्सीजन सिलेंडर का मीटर भी खराब था। अस्पताल के कर्मचारियों ने इस ओर चालक का ध्यान भी आकर्षित कराया था, लेकिन चालक ने कहा कि सिलेंडर में पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन है। आराम से दिल्ली पहुंच जाएंगे।

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