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Cyclone Biparjoy Big Updates: भारत से इतने किलोमीटर दूर है तबाही, जानिए बिपरजॉय तूफान की पल-पल की अपडेट

भारत की ओर चक्रवातीय तूफान बिपरजॉय बहुत तेजी से बढ़ रहा है और 15 जून तक इसके पहुंचने का अनुमान है.
 
भारत से इतने किलोमीटर दूर है तबाही

Cyclone Biparjoy Big Updates: भारत की ओर चक्रवातीय तूफान बिपरजॉय बहुत तेजी से बढ़ रहा है और 15 जून तक इसके पहुंचने का अनुमान है.

बताया जा रहा है कि गुजरात और महाराष्ट्र में तूफान अपना सबसे ज्यादा रौद्र रूप दिखाएगा. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसे बेहद गंभीर चक्रवातीय तूफान की कैटेगरी में घोषित करते हुए अलर्ट जारी किया है. 

वहीं मछुआरों को समुद्र में जाने से रोक दिया गया है. गुजरात के  कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और मोरबी जिलों में तूफान का सबसे ज्यादा असर होने की आशंका के चलते निचले इलाकों से लोगों को निकाला गया है. 

आईएमडी के मुताबिक, तूफान बिपरजॉय इस समय गुजरात के जखाऊ बंदरगाह से लगभग 290 किमी दक्षिण-पश्चिम में पूर्वोत्तर अरब सागर पर केंद्रित है। तूफान देवभूमि द्वारका से 300 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, नलिया से 310 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम, पोरबंदर से 350 किमी पश्चिम में बना हुआ है। बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान जखाऊ बंदरगाह के पास मांडवी और कराची के बीच से होते हुए 15 जून की शाम को सौराष्ट्र और कच्छ को पार करने की संभावना है.


भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और मोरबी जिलों के निचले इलाकों में पानी भर जाने की संभावना है। कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, मोरबी, जूनागढ़ और राजकोट जिलों में फूस के घरों के पूरी तरह से नष्ट हो सकते हैं। कच्चे घरों के व्यापक नुकसान की आशंका के साथ ही पक्के मकानों में भी हल्का नुकसान हो सकता है.चक्रवाती तूफान के चलते बिजली और टेलीफोन के खंभे उखड़ सकते हैं.ट्रेनों का आवागमन बाधित कर सकता है. खड़ी फसलों, वृक्षारोपण और बागों को नुकसान पहुंचा सकता है.


मौसम विभाग ने चक्रवात के चलते बुधवार (14 जून) को गुजरात के तटीय क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान जताया है। 15 जून को कच्छ, देवभूमि द्वारका और जामनगर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है. 

वहीं तूफान का असर रेलवे के परिचालन पर भी पड़ा है. कई ट्रेन तूफान के चलते रद्द की गई हैं.पश्चिम रेलवे ने बताया है कि करीब 95 ट्रेनों को 15 जून तक रद्द या शॉर्ट टर्मिनेटेड किया गया है.