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Haryana News: हरियाणा में ठेकेदार ने लांघी क्रूरता की सारी हदें, भूख- प्यास से मौत की नींद सो गए 15 बंदर

हरियाणा के सोनीपत जिले से इंसानियत को शर्मशार कर देने वाला मामला सामने आया है
 
भूख- प्यास से मौत की नींद सो गए 15 बंदर

Haryana News: हरियाणा के सोनीपत जिले से इंसानियत को शर्मशार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां नगर निगम के ठेकेदार ने निर्दयता की सारी हदें लांघते हुए एक दर्जन से अधिक बंदरों को मौत की नींद सुला दिया। ठेकेदार ने शहर से पकड़े गए बंदरों को मानकों को ताक पर रखकर बंधक बना रखा था। भीषण गर्मी में लोहे के पिंजरों में बंद बंदरों को लंबे समय से भूखा-प्यासा भी रखा गया था।

57 बंदरों को दिलाई आजादी

ठेकेदार की इस क्रूरता से भूख- प्यास से तड़पते हुए कई बंदरों ने अपनी जान गंवा दी। उनके शवों को आसपास के क्षेत्र में फेंक दिया गया था। सूचना पाकर देर रात सामाजिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ठेकेदार के यहां से करीब 57 बंदरों को मुक्त कराया। वहीं छह बंदरों के शव पोस्टमार्टम को भेजे गए हैं। पुलिस ने नगर निगम और ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

तिहाड़ कला के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता मंजीत सिंह ने सिटी थाना पुलिस को बताया कि वह जीवों के संरक्षण के लिए संगठन चलाते हैं। उनको सूचना मिली थी कि महलाना रोड़ पर अंबेडकर कालोनी में दर्जनों बंदरों को लोहे के पिजरों में बंधक बनाकर रखा गया है। उन्होंने मौके पर जाकर देखा तो खुले मैदान में दर्जनों पिंजरे लगाकर बंदरों को बंधक बनाया गया है। पिंजरों में देखने पर बंदरों की दशा बड़ी ही दयनीय मिली। उनको कई दिन से भूखा-प्यासा रखा गया था।

नगर निगम के अधिकारियों की भी लापरवाही

मिली जानकारी अनुसार, आरोपित नगर निगम ठेकेदार हरीशचंद्र को बंदर पकड़ने का ठेका दिया हुआ था। मानकों के अनुसार न तो बंदरों को भोजन-पानी दिया जा रहा था और न ही भीषण गर्मी में उनको छाया में रखा गया था। 

उनको नियमानुसार पकड़ने के बाद सुरक्षित स्थान पर नहीं छोड़ा गया था। वहीं नगर निगम के अधिकारियों ने भी नियमानुसार मौके पर जाकर सत्यापन नहीं किया था। बंदरों को रखने की समुचित व्यवस्था नहीं होने के बावजूद उसको ठेका आवंटित कर दिया गया था। 

लोगों ने ठेकेदार को पीटा

भूख- प्यास से मरे बंदरों को ठेकेदार ने इधर- उधर फेंक दिया था। पशु चिकित्सकों ने छह शवों को पोस्टमार्टम के लिए उठवा लिया, जबकि अन्य आठ के अत्यंत गल जाने के कारण पोस्टमार्टम करने से इंकार करते हुए नहीं उठवाया। वहीं गुस्साए लोगों ने ठेकेदार की जमकर धुनाई कर दी। पुलिस ने मंजीत सिंह की शिकायत पर नगर निगम और ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है