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Rajasthan: राजस्थान में 125 तहसीलों को जोड़कर राजस्थान में 15 नए जिलों की स्थापना

राजस्थान में नए जिलों के साथ कौन सी तहसीलें होंगी? एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
 
राजस्थान में नए जिलों के साथ कौन सी तहसीलें होंगी? एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
Rajasthan: राजस्थान में 125 तहसीलों को साथ में जोड़कर 15 नए जिले बनाए गए

Jaipur: राजस्थान प्रदेश में सरकार द्वारा नए जिलों के गठन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। सीएम अशोक गहलोत इसे एक ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में देख रहे हैं और उन्होंने पहले से ही इसकी घोषणा कर दी है। 19 जिलों में से 15 जिलों का सीमांकन पूरा हो चुका है और उन जिलों के सीमांकन रिपोर्ट को राजस्थान सरकार को प्रेषित कर दिया गया है।

राजस्व विभाग की अधिसूचना करने की तैयारी 

राजस्व विभाग अधिसूचना जारी करने के लिए तैयारी कर रहा है। राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने बताया है कि इस ड्रीम प्रोजेक्ट का मुख्यमंत्री द्वारा पूरा समर्थन है। तैयारी पूरी हो चुकी है और मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिसूचना जारी की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, राजस्व विभाग की तैयारियाँ 30 जून तक चल रही हैं। अधिसूचना जारी होने के बाद, नए जिलों को आधिकारिक रूप से स्थापित किया जाएगा।

किस जिले में कौन सी तहसीलों की शामिली होगी? इसके संबंध में निम्नलिखित विवरण प्रदान किया गया है:

शाहपुरा (भीलवाड़ा): शाहपुरा जिले में भीलवाड़ा से बड़ा हो सकता है। इसमें शाहपुरा, हुरडा, फूलियाकलां, जहाजपुर, कोटड़ी, बनेड़ा तहसीलों के साथ मांडलगढ़, बिजीलिया शामिल हो सकती हैं। इसके साथ ही भीलवाड़ा में आसींद, करेड़ा, भीलवाड़ा, मांडल, रायपुर, सहाड़ा, हमीरगढ़ तहसील रहेंगी। बदनौर भी ब्यावर में शामिल हो सकता है।

केकड़ी: टोंक जिले में देवली, मालपुरा और टोडा रायसिंह, भीलवाड़ा जिले में जहाजपुर, अजमेर जिले में अराई, बांदनवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, भिनाय तहसील के गांवों की संख्या होगी।

फलौदी: जोधपुर से फलौदी, लोहावट, बाप, देवू, बापिणी, सेतरावा, घंटियाली, आऊ तहसीलें शामिल होंगी। इसके साथ ही जैसलमेर जिले से नाचना और नोख उप-तहसील व ओसियां से आगे का ह।

डीडवाना कुचामन: मकराना, परबतसर, लाडनूं, डीडवाना, नावां, और नागौर के आधे क्षेत्र को नए जिले में शामिल किया जाएगा।

खैरथल: इसमें कोटकासिम, तिजारा, खैरथल, किशनगढ़बास, टपूकड़ा, हरसोली, और मुंडावर तहसीलें शामिल होंगी।

ब्यावर: अजमेर जिले से मसूदा, बिजयनगर और टॉडगढ़, राजसमंद से भीम, पाली जिले से रायपुर और जैतारण तहसीलें जोड़ी जाएगी।

बालोतरा: बाड़मेर से पचपदरा, कल्याणपुर, सिवाना, समदड़ी, सिणधरी, गिड़ा, और बायतु तहसील के आधे हिस्से को इस नए जिले में शामिल किया जाएगा। साथ ही, बालोतरा, कल्याणपुर, समदड़ी, सिवाना, सिणधरी, पायला, गिड़ा, बायतु, और पाटोदी पंसद के करीब 17 गांव बाड़मेर जिले में ही रहेंगे।

डीग: इसमें कुम्हेर, डीग, कामा, पहाड़ी, नगर, सीकरी, जनूधर, और रारह तहसीलें शामिल होंगी। इसका सीमांकन अभी शेष है।

दूदू: इसमें फागी, मौजमाबाद, माधोराजपुरा जोबनेर, फुलेरा, नरैना, सांभरलेक, अजमेर, और रूपनगढ़ क्षेत्र को शामिल करने की उम्मीद है।

नीमकाथाना: इसमें रिपोर्ट के अनुसार, झुंझुनूं से खेतड़ी उपखंड का क्षेत्र, उदयपुरवाटी तहसील के 19 पटवार मंडल, 7 शेष गुढागौड़जी तहसील का पूरा क्षेत्र, और ये चार पटवार मंडल झुंझुनूं में स्थित हैं।

सांचौर: जालोर से चितलवाना, सांचौर, रानीवाड़ा के साथ-साथ गुड़ामालानी, बागोड़ा, सेड़वा, धोरीमन्ना का आधा हिस्सा शामिल होगा। इसका फैसला अभी सरकार द्वारा किया जाना है।

गंगापुरसटी: सवाई माधोपुर जिले से वजीरपुर, बामनवास और करौली जिले से नादौती, टोडाभीम तहसील क्षेत्र को शामिल किया जाएगा।

कोटपूतली-बहरोड़: कोटपूतली, बहरोड़, विराटनगर, बानसूर, पावटा, नारायणपुर, और नीमराणा उपखंड को शामिल किया जा सकता है। इसमें कुल मिलाकर 4 विस एरिया हो सकते हैं।

अनूपगढ़: श्रीगंगानगर जिले से अनूपगढ़, घड़साना और श्रीविजयनगर के साथ-साथ, रावला, बीकानेर जिले से खाजूवाला उत्तरगढ़ तहसील और छत्तरगढ़ क्षेत्र को शामिल किया जा सकता है। श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर तहसील क्षेत्र को शामिल करने की प्रक्रिया अभी चल रही है।

नोट: इन तहसील क्षेत्रों में कुछ बदलाव हो सकते हैं।