Skynews100-hindi-logo

लाल केले की खेती से बदल गई जीवन की दिशा: सिविल इंजीनियरिंग पास किसान की कहानी

केले की खेती: युवा किसान अभिजीत पाटिल ने अपने जीवन का रुख बदला, महाराष्ट्र के सोलापुरा जिले के वाशिम्बे गांव से हैं।
 
kisaan
एक सिविल इंजीनियरिंग पास किसान की सफलता: लाल केले की खेती

केला खाने की लालसा सभी को होती है। यह फल वर्षभर बाजार में उपलब्ध होता है। इसकी खेती देशभर में की जाती है। हालांकि, आंध्र प्रदेश देश का सबसे बड़ा केला उत्पादक राज्य है। वहां केले का अकेले 17.9 प्रतिशत उत्पादन होता है। हालांकि, अब महाराष्ट्र में भी किसान विशेष प्रकार के केले की खेती कर रहे हैं। युवा किसानों का भी इस क्षेत्र में आना इसे और भी मॉडर्न बना दिया है। परंपरागत तरीके से खेती करने वाले किसान अब तकनीक का उपयोग करके केले की खेती कर रहे हैं। आज हम एक ऐसे युवा किसान के बारे में चर्चा करेंगे, जो इंजीनियरिंग पढ़ने के बाद बंपर आय कमा रहा है और केले की खेती में उन्नति कर रहा है।

किसानों के अनुसार, इस युवा किसान का नाम अभिजीत पाटिल है और यह महाराष्ट्र के सोलापुरा जिले के करमाला तालुक में स्थित वाशिम्बे गांव का निवासी है। पाटिल ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, लेकिन इसके बावजूद नौकरी करने की बजाय खेती के लिए रुख किया है। पाटिल की यह कदम उनके लिए बहुत फायदेमंद साबित हुआ है। वह लाल केले की खेती से हर साल लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं। अभिजीत पाटिल बताते हैं कि वे पहले परंपरागत तरीके से खेती करते थे, लेकिन अच्छी कमाई नहीं हो पा रही थी। इसके बाद उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से लाल केले की खेती शुरू कर दी।

साल 2015 में शुरू की केले की खेती 

पाटिल चार एकड़ जमीन पर लाल केले की खेती कर रहे हैं, जिससे उन्हें साल में अच्छी आय हो रही है। उन्होंने बताया कि लाल केले की खेती से अब तक उन्हें 35 लाख रुपये की कमाई हो चुकी है। उनके मुताबिक, उनके बगीचे में केले की पैदावार होने में एक साल का समय लगता है। हालांकि, एक एकड़ में केले की खेती करने पर 1 लाख रुपये का खर्च आता है। इस प्रकार, वे बरसाती सत्र में 4 लाख रुपये खर्च करके केले की खेती कर रहे हैं, जिससे उन्हें लाखों में लाभ हो रहा है। यह विशेष बात है कि पाटिल साल 2015 से केले की खेती कर रहे हैं।

प्रतिवर्ष 60 टन केले का उत्पादन करने की क्षमता रखने वाले पाटिल।

पाटिल के मुताबिक, लाल केले में हरे और पीले केले के मुकाबले अधिक विटामिन और पोषक तत्व होते हैं। इसलिए लाल केले की मांग मार्केट में धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। इसका रेट भी सामान्य केले के मुकाबले अधिक होता है। वर्तमान में मार्केट में इसका दर 60 रुपये प्रति दर्जन है, जबकि हरे और पीले रंग के केले 40 रुपये प्रति दर्जन में बिक रहे हैं। पाटिल वर्षभर में 4 एकड़ में खेती करके 60 टन केले का उत्पादन कर रहे हैं। उनके द्वारा उत्पादित केले पांच स्टार होटलों में भी आपूर्ति के लिए उपयोग हो रहे हैं।