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Sanitation Worker on Strike:नई भर्ती की मांग को लेकर सफाई कर्मियों ने राज्यव्यापी हड़ताल का किया ऐलान

 Sanitation Worker on Strike: राज्य के सफाई कर्मचारियों ने एक बार फिर हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। सफाई कर्मचारी संघ ने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि नया भर्ती कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है।

 
 Sanitation Worker on Strike

 Sanitation Worker on Strike:राज्य के सफाई कर्मचारियों ने एक बार फिर हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। सफाई कर्मचारी संघ ने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि नया भर्ती कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। इस फैसले के बाद अब राज्य भर के सफाईकर्मी हड़ताल पर चले जाएंगे।

4 दिन से करीब 200 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर, नतीजा- शहर में जगह-जगह लगे कचरे  के ढेर | Around 200 sanitation workers on strike since 4 days, result –  piles of garbage
सफाई कर्मियों की भर्ती को लेकर हमने सरकार को कई ज्ञापन सौंपे लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए आज सभी ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने 13 हजार से अधिक पदों पर भर्ती के लिए सर्कुलर जारी किया था। सरकार ने अप्रैल में इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए थे, लेकिन उससे पहले ही विवाद शुरू हो गया और सरकार ने बाद में भर्ती प्रक्रिया को स्थगित कर दिया था.

जयपुर में दिखेगा हड़ताल का असर
जयपुर में सबसे ज्यादा हड़ताल देखने को मिलेगी। जयपुर में वाल्मीकि समाज से जुड़े 6,000 से अधिक सफाई कर्मचारी हैं। इससे शहर की सफाई प्रभावित होगी। इसके अलावा जोधपुर, बीकानेर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर जैसे अन्य नगरपालिका जिलों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

वाल्मीकि समाज आरक्षण की मांग पर अड़ा हुआ है
इससे पहले कर्मचारी अप्रैल में राज्यव्यापी हड़ताल पर गए थे उस समय हड़ताल का कारण आरक्षण का विरोध था। वाल्मीकि समाज ने मांग की कि भर्ती में उनके समुदाय को प्राथमिकता दी जाए। फिर अन्य समुदायों के लोगों को शामिल करें। इसी मांग को लेकर काफी देर तक आंदोलन व धरना चला।

 मांगों पर सरकार से सहमति बनने के बाद हड़ताल खत्म, शहर ने ली राहत की सांस |  After the agreement between the sanitation workers and the government on  five points, the strike
ये हैं कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगें
कर्मचारी संघ ने सफाई कर्मचारियों की भर्ती के लिए जारी अधिसूचना में पदों की संख्या बढ़ाकर 30,0 करने की सरकार से तीन प्रमुख मांगें रखी थीं भर्ती में वाल्मीकि समाज के लोगों को वरीयता दी जाए। 2018 से पहले संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को भी प्राथमिकता दी जाए।